HomeTravelNew Year पर महाकाल या पचमढ़ी जा रहे हैं? पहले ये खबर पढ़ लें, वरना न होटल मिलेगा न सस्ती टैक्सी

New Year पर महाकाल या पचमढ़ी जा रहे हैं? पहले ये खबर पढ़ लें, वरना न होटल मिलेगा न सस्ती टैक्सी

हर कोई बेसब्री से नए साल का इंतजार कर रहा है। बस कुछ ही समय बाद पूरी दुनिया साल 2026
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हर कोई बेसब्री से नए साल का इंतजार कर रहा है। बस कुछ ही समय बाद पूरी दुनिया साल 2026 का स्वागत करती नजर आएगी। नए साल को लेकर लोग अक्सर कई तरह की प्लानिंग करते हैं। खासकर इस मौके पर लोग घूमना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।

न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए लोग कई सारी जगह जाना पसंद करते हैं और हिन्दुस्तान का दिल मध्य प्रदेश इन्हीं में से एक है। इस साल कई लोग नया साल मनाने के लिए मध्य प्रदेश का रुख कर रहे हैं और यही वजह है कि प्रदेश में इस समय लोगों की भीड़ जमा होने लगी है।

ओंकारेश्वर: यहां जाने के लिए अब आपको 2800 रुपये की जगह 3800 से 4200 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं।

उज्जैन और पचमढ़ी: आम दिनों में इनका किराया 2000-2500 रुपये होता था, जो अब बढ़कर 3000 से 3500 रुपये हो गया है।

महंगा हो रहा किराया

अगर नए साल के जश्न के लिए आप मध्य प्रदेश के पर्यटन या धार्मिक स्थलों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अपना बजट बढ़ा लीजिए। दरअसल, भारी भीड़ के चलते भोपाल से बाहर जाने वाली टैक्सियों और होटलों के किराए में भारी उछाल आया है। आलम यह है कि सरकारी टूरिज्म (MPTDC) के होटल्स पूरी तरह पैक हैं और प्राइवेट टैक्सियां हर ट्रिप पर 1000 रुपये तक ज्यादा वसूल रही हैं।

टैक्सी के किराए में जबरदस्त उछाल टैक्सी संचालकों का कहना है कि गाड़ियों की कमी और डिमांड ज्यादा होने के कारण रेट बढ़ाना मजबूरी है। भोपाल से अलग-अलग शहरों के मौजूदा रेट इस प्रकार हैं:

पचमढ़ी में सबसे ज्यादा मारामारी

मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़ है। टूरिज्म विभाग के करीब 190 कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। प्राइवेट होटलों ने भी मौके का फायदा उठाते हुए किराए में आग लगा दी है। जो कमरा पहले 4-5 हजार में मिलता था, उसके लिए अब पर्यटकों को 6500 से 7000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।

धार्मिक नगरियों में भी बुरा हाल

महाकाल लोक और ओंकारेश्वर में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ के चलते होटल और धर्मशालाएं लगभग फुल हैं। उज्जैन में कमरों का किराया 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गया है। ओंकारेश्वर में भी सीमित होटल्स होने के कारण बुकिंग नहीं मिल रही है।

मैहर और महेश्वर में भी संकट 

यही हाल मैहर और महेश्वर का भी है। यहां रुकने की जगह न मिलने पर लोग कटनी या आसपास के कस्बों में रात गुजारने को मजबूर हैं। इसके अलावा भोपाल के पास सीहोर, भोजपुर और सलकनपुर में भी 1 जनवरी को भारी भीड़ जुटने की संभावना है।

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