
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार का मूल दायित्व जनकल्याण के साथ ऐसी विकास नीतियां तैयार करना है, जिनका अधिकतम लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मध्यप्रदेश में अधिकाधिक युवाओं को रोजगार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश निवेश आकर्षित करने के मामले में आज देश में तीसरे स्थान पर है। यहां किए गए औद्योगिक नवाचार देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम भोपाल में निजी मीडिया समूह के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किया है। इस वर्ष कृषि-आधारित उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को आधुनिक समय की मांग के अनुरूप खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के साथ ही प्रदेश का औद्योगिक विकास भी सरकार की प्राथमिकता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को कार्य व्यवहार में शामिल किया गया है। हमारी कोशिश है कि सरकार खुद हर कदम पर निवेशकों के साथ खड़ी दिखाई दे। कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए हम ऐसे निवेशकों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘द इकोनॉमिक टाइम्स चेंजमेकर्स ऑफ मध्यप्रदेश 2.0’ कार्यक्रम में सहभागिता की और प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित एक ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों सहित 15 नव उद्यमियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्मानित उद्योगपतियों ने न केवल मध्यप्रदेश में निवेश किया है, बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोले हैं। शिक्षा और चिकित्सा जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में इनका योगदान प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बना रहा है। समाज के ऐसे चेंजमेकर्स ही मध्यप्रदेश 2.0 की वास्तविक पहचान हैं।
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