Last updated: January 20th, 2026 at 04:12 am

एआर रहमान इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं और सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर हैं। म्यूजिक कंपोजर के ‘सांप्रदायिक भावना’ वाले बयान को लेकर शोर मचा हुआ है, जिस पर कंपोजर अपनी सफाई भी पेश कर चुके हैं। लेकिन, इसके बाद भी उनकी आलोचनाओं का दौर जारी है। इस बीच एआर रहमान की बेटियां खतीजा और रहीमा अपने पिता के समर्थन में आगे आई हैं और पिता के अपमान के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। रहमान की बेटियों ने मलयालम म्यूजिक कंपोजर कैलाश मेनन के उस पोस्ट को शेयर किया है, जिसमें उन्होंने एआर रहमान के अपमान को लेकर आलोचना की है और कहा- ‘असहमत होना संभव है, लेकिन अपमान नहीं किया जाए।’
एआर रहमान की बेटी खतीजा ने कैलाश मेनन का पोस्ट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है। उन्होंने कमेंट के जरिए भी अपनी प्रतिक्रिया दी। खतीजा ने जो पोस्ट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है, उसमें लिखा है- ‘असहमति जताएं, अपमान न करें। जो लोग ए. आर. रहमान को अपनी बात खुलकर कहने के लिए दोषी ठहरा रहे हैं, वे एक बुनियादी बात को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। उन्होंने अपने मन की बात कही। यह उनका अधिकार है। आप उनसे असहमत हो सकते हैं, लेकिन आप उन्हें अपने अनुभव व्यक्त करने की स्वतंत्रता से वंचित नहीं कर सकते।’
‘विश्व स्तर पर सम्मानित कलाकार के बारे में ‘अपमानजनक’ बातें कहना, उनके धर्म पर सवाल उठाना, उनकी हालिया रचनाओं का उपहास करना और उनके जीवन के अनुभवों को ‘विक्टिम कार्ड’ बनाकर पेश करना आलोचना नहीं है। यह तो राय के रूप में प्रस्तुत की गई नफरत योग्य अभिव्यक्ति है। तमिल संस्कृति, भारतीय सिनेमा और वैश्विक संगीत में दशकों का योगदान। आप किसी फिल्म पर उनकी राय से बहस कर सकते हैं। आप उनकी व्याख्या से असहमत हो सकते हैं। यह उचित है। लेकिन सार्वजनिक रूप से उनका अपमान करना या उनकी कही बातों को दबाने के लिए उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाना अनुचित है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रहमान पर भी उतनी ही लागू होती है जितनी उनके आलोचकों पर। आलोचना ठीक है, लेकिन बिना सम्मान के आक्रोश दिखाना उनके बारे में कम और हमारे बारे में ज्यादा बताता है।’
एआर रहमान ने ‘कम्युनल रीमार्क’ पर हुई आलोचना के बाद हाल ही में एक इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई पेश की। उस वीडियो में उन्होंने कहा- ‘प्रिय मित्रों, संगीत हमेशा से मेरे लिए संस्कृति से जुड़ने, उसका जश्न मनाने और उसे सम्मान देने का माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु और मेरा घर है। मैं समझता हूँ कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा से संगीत के माध्यम से उत्थान, सम्मान और सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी और मुझे आशा है कि मेरी ईमानदारी आप सभी को महसूस होगी।’
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