Last updated: January 5th, 2026 at 04:52 am

उज्जैन: इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद अब उज्जैन प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कुछ इलाकों में दूषित पानी की शिकायतों के बाद फौरी तौर पर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है कि वे नल का पानी नहीं पीएं। पानी को उबालकर पीएं या फिर अन्य स्रोतों के पेयजल का इस्तेमाल करें।
इंदौर में दूषित पानी से हुई एक दर्जन से अधिक मौत के बाद अब उज्जैन का नगर निगम प्रशासन भी लोगों की सुरक्षा में जुट गया है। निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के निर्देश के बाद पूरे शहर की टंकियां को साफ किया जा रहा है तो वहीं क्षेत्र में पानी को उबालकर पीने या अन्य स्रोत के पानी पीने की समझाएं दी जा रही है। नगर निगम के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी कितने मुस्तैद है इसकी जांच भी खुद निगम कमिश्नर उपभोक्ता बनकर रहे हैं।
उज्जैन में इंदौर जैसी घटना न हो इसके लिए नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे है। वार्डों के इंजीनियरों को सख्त हिदायत दी गई है कि घरों में शुद्ध जल प्रदान किया जाए। उज्जैन पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कितने मुस्तैद है इसको लेकर निगमायुक्त ने फोन पर खुद ही शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि वार्ड 23 में पानी खराब आ रहा है। इंजीनियर को भेज कर खुद का नंबर देकर बात करने की बात कही।
इसके साथ ही उज्जैन शहर में नगर निगम के द्वारा एनाउंस करवाया जा रहा है कि कुछ क्षेत्रों में दूषित पेयजल की संभावना पाई गई है। अगले आदेश तक पानी का उपयोग निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही करें। पानी को उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें। क्षेत्र में जिन लोगों को उल्टी-दस्त की समस्या है वह तुरंत अस्पताल में इलाज करवाएं या फिर इसकी सूचना दें।
वहीं शहर में घोषणा की जा रही है कि जहां भी खराब पानी या दूषित पानी मिल रहा है, उसकी सूचना तुरंत पीएचईडी के शिकायत नंबर पर कर सकते हैं। उज्जैन शहर वासियों को शुद्ध पानी मिल सके इस को लेकर निगम कमिश्नर ने उज्जैन शहर की सभी की टंकियों की सफाई के निर्देश दिए है । जिसके बाद शहर की एक-एक कर कर सभी टंकियां के लिए सफाई शुरू कर दी गई है।
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