

बैतूल: जिले के सारनी इलाके में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दिव्यांग व्यक्ति की ई-ट्राइसाइकिल में अचानक धमाका हो गया और आग लग गई। आग लगने से दिव्यांग की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक मृतक को यह ई-ट्राइसाइकिल ढाई साल पहले ही मिली थी। घटना शुक्रवार रात को जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर सारनी में हुई। शिक्षक प्राइवेट कोचिंग पढ़ाने का काम करते थे। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है।
सारनी थाना प्रभारी एके परतेती ने बताया कि मृतक सुनील कुमार लोखंडे (गुड्डू) सारनी के ही रहने वाले थे। वे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवनयापन करते थे। जय स्तंभ चौक पर शुक्रवार उनकी ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल के पास मौजूद दुकानदार बिल्लू जगदेव ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें तेज हो चुकी थीं, जिससे सुनील को बचाया नहीं जा सका।
इस हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए घोड़ाडोंगरी भिजवाया। मृतक के भाई राजेश ने बताया कि सुनील ने इंजीनियरिंग की थी। वह दो भाइयों में छोटा था। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था। सुनील बचपन से दिव्यांग नहीं थे। उन्हें बाद में विकलांगता आने लगी थी। जोड़ों का लिक्विड सूखने लगा था। इस वजह से उठने-बैठने और चलने में दिक्कत होने लगी थी। करीब 15 साल पहले वे दिव्यांग हो गए। सुनील की शादी नहीं हुई थी।
यह ई-ट्राइसाइकिल उन्हें ढाई साल पहले पंचायत एवं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल अंतर्गत) के तहत दी गई थी। यह सहायता स्पर्श पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने पर मिलती है। सुनील को यह ई-ट्राइसाइकिल नगर पालिका की ओर से दी गई थी। उसमें कभी कोई समस्या नहीं आई। अचानक हुई इस घटना से परिजन सहित सभी स्तब्ध हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (इनपुट- मयंक भार्गव)
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